वित्त विभाग के निर्देश पर होगा संविलियन…2 वर्ष की सेवा में संविलियन हेतु आदेश जारी नही होने से आशंका व्याप्त….विधानसभा बजट सत्र में संविलियन का लिया गया है निर्णय….सरकार व शासन को अवगत कराने की है आवश्यकता…..1 जुलाई को संविलियन हेतु दीप जलाकर क्रियान्वयन की करेंगे मांग

0
2254
sanjay sharma

रायपुर। छत्तीसगढ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवरनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक ने कहा है कि 1 जुलाई 2020 को 2 वर्ष पूर्ण करने वाले शिक्षक संवर्ग के संविलियन का निर्णय जन घोषणा पत्र के वादा के आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट में 3 मार्च को लिया है।

वर्तमान में 1 जुलाई 2020 को संविलियन होना है किंतु अब तक राजपत्र का प्रकाशन नहीं हुआ है, साथ ही शासन द्वारा आदेश जारी नहीं किया गया है जिसके कारण 2 वर्ष में संविलियन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही हैं, ज्ञात हो कई विकासखंड में संविलियन के लिए आवश्यक दस्तावेज, जरूरी कागजात जमा कराया जा चुका है लेकिन शासन द्वारा आदेश जारी नहीं होने के कारण यह प्रक्रिया विकासखंड में ही लंबित है, एसोसिएशन प्रयासरत है कि शीघ्र आदेश जारी हो।

*छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि शासन से हुई चर्चा के अनुसार वित्त विभाग से निर्देश जारी होने पर ही संविलियन का आदेश जारी किया जाएगा।*

अब तक शासन से आदेश जारी नहीं होने के कारण शिक्षकों के मन में आशंका व्याप्त है, एसोसिएशन का यह भी मानना है इस विषय पर 3 मार्च को प्रस्तुत बजट में घोषणा होने के बाद आदेश जारी नहीं होने के कारण संघर्ष की आवश्यकता है।

लेकिन वर्तमान परिस्थिति में घर में रहकर ही संपूर्ण संविलियन के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णय को क्रियान्वित करने के लिए शासन और सरकार तक पहुंचाने का निश्चय छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने लिया है।

30 जून तक शासन द्वारा 2 वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक संवर्ग के संविलियन आदेश जारी नहीं होने पर 1 जुलाई को संविलियन किये जाने हेतु शिक्षक संवर्ग दीप जलाकर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय को क्रियान्वित करने की मांग करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.