बिग ब्रेकिंग:हड़ताल का हुआ असर….मुख्यमंत्री के निर्देश पर जीएडी ने मंत्रालय में बैठक बुलाकर किया चर्चा

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रायपुर 2 अगस्त 2022। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ द्वारा 25 जुलाई से केवल 2 सूत्रीय मांग देय तिथि से लंबित मंहगाई भत्ता व देय तिथि से HRA को सातवें वेतन के आधार पर पुनरीक्षित करने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन किया गया था।

हड़ताल का व्यापक असर हुआ, मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर जीएडी द्वारा सूचना देकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल को मंत्रालय में चर्चा हेतु आमंत्रित किया गया।

चर्चा में भाग लेने आज छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, सुधीर प्रधान, बसंत चतुर्वेदी, मनोज सनाढ्य, गिरीश साहू, नवधा चंद्रा, बसंत गायकवाड़, शामिल हुए।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सचिव श्री डी डी सिंह, सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, संयुक्त सचिव संजय अग्रवाल, उप सचिव खेस मेडम द्वारा बैठक कर चर्चा करते हुए मांगो पर पक्ष लिया गया।

अधिकारियों के साथ बैठक में पक्ष रखते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि लंबित DA व HRA के लिए कर्मचारियी ने सफल हड़ताल कर अपनी मांग और इच्छा से शासन व सरकार को अवगत करा दिया है, 2 सूत्रीय मांग देय तिथि से लंबित मंहगाई भत्ता व देय तिथि से HRA को सातवें वेतन के आधार पर पुनरीक्षित करने की मांग संबधी तथ्य व केंद्र व अन्य राज्य की स्थिति पर तर्क मजबूती के साथ रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा गतिरोध दूर करते हुए तत्काल मांग पूरा करना चाहिए।

बैठक में संजय शर्मा ने 29 जुलाई को जीएडी द्वारा हड़ताल में शामिल कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन कटौती सम्बन्धी आदेश पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए आदेश को निरस्त करने की मांग की है, उन्होंने कहा है कि शासन द्वारा लंबित डीए व HRA देने के बजाय कर्मचारियों के वेतन कटौती का आदेश क्यों किया गया है?

प्रदेश के कुछ जिले में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का वेतन निकाला जा चुका है ऐसे में कुछ जिलों में वेतन देयक को ट्रेजरी से वापस करना पर्णतः गलत व अन्याय है,,अतः हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन भुगतान का निर्देश जारी किया जावे।

 

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