स्वामी आत्मानंद स्कूल अब स्कूल शिक्षा विभाग के नियंत्रण में आ जाएगा….विधानसभा में शिक्षा मंत्री बृजमोहन जी के घोषणा का टीचर्स एसोसिएशन ने किया स्वागत

0
38

रायपुर।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने स्वामी आत्मानंद स्कूल में आबंटन के माध्यम से वेतन भुगतान की व्यवस्था का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री से गैर आयोजना मद से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया था।

स्वामी आत्मानंद स्कूल अब जल्द ही स्कूल शिक्षा विभाग के नियंत्रण में आ जाएगा अभी ये रजिस्ट्रार की पंजीयन वाली समिति से संचालित थी, जिसमे कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति के अंतर्गत संचालित था, लेकिन अब इस पर नियंत्रण खुद शिक्षा विभाग की तरफ से होगा। यह बात आज शिक्षा मंत्री ने सदन में कही, उन्होंने कहा कि अगले सत्र से नामांकन, पंजीयन वाली समिति भंग होगी।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर रखा गया है, चूंकि आत्मानंद स्कूल समिति के अंदर संचालित है इसलिए प्रतिनियुक्ति में कार्यरत शिक्षकों का वेतन भुगतान आबंटन सिस्टम से किया जाता है जिसके कारण वेतन भुगतान में विलंब सम्भावित रहता था। संविलियन के पूर्व शिक्षा कर्मी व्यवस्था में आबंटन से वेतन भुगतान प्रक्रिया से वेतन भुगतान में विलंब से परेशानी बहुत होती थी, संविलियन के बाद तो नियमित वेतन भुगतान शुरू हुआ है, पुनः आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति में रखने के पश्चात आबंटन सिस्टम से शिक्षक परेशान होने लगे थे। शिक्षकों के बैंक लोन व अन्य समय सीमा के खर्च में परेशानी आ गई थी।

वर्तमान नई सरकार व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल जी से मांग किया गया था कि आत्मानंद स्कूलों में प्रतिनियुक्ति में कार्यरत शिक्षकों का गैर आयोजना मद अर्थात ट्रेजरी से वेतन भुगतान की व्यवस्था बहाल करने का निर्णय लिया जावे।

विधानसभा में शिक्षा मंत्री के घोषणा का स्वागत करते हुए टीचर्स एसोसिएशन ने माना है कि स्वामी आत्मानंद स्कूल अब जल्द ही स्कूल शिक्षा विभाग के नियंत्रण में आ जाएगा, इससे शिक्षकों के वेतन की समस्या भी दूर होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.