संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों को सौपेंगे ज्ञापन, वर्ग 03 और 8 साल से कम वाले शिक्षाकर्मी बताएंगे अपनी पीड़ा

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रायपुर 27 जून 2018। वर्ग 03 संघर्ष मोर्चा” एवं “8 साल से कम संघर्ष समिति” के बैनर तले प्रदेशभर के एक लाख पचास हजार शिक्षाकर्मी एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के सभी सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपकर विसंगति पूर्ण संविलियन को संधोधन करते हुए वर्ग 03 को क्रमोन्नति सह संविलियन एवं संविलियन में 8 साल की भेदभाव को समाप्त करने की मांग करेंगे। यह कार्यक्रम आगामी एक सप्ताह तक चलेगा जिसके तहत “मोर्चा” और “समिति” के सदस्य अपने-अपने इलाको के जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा बताएंगे।
प्रदेश भर के 1 लाख पचास हजार शिक्षाकर्मियों को विसंगति युक्त संविलियन से कोई लाभ होने वाला नहीं है बल्कि वर्ग 01 एवं 02 से वर्ग 03 के वेतन की खाई अब दस हजार से बढ़कर संविलियन के बाद 15 एवं 20-22 हजार हो जाएगा।
2013 से राज्य शासन ने क्रमोन्नति वेतन को भूतलक्षी प्रभाव से निरस्त कर दिया है जिनके कारण 8 साल से अधिक सेवा अवधि वाले वर्ग 03 को हर माह 10 हजार रुपया कम वेतन मिलता है।
प्रदेश सरकार ने संविलियन में 8 साल की बाध्यता को लागू कर राज्य के 30 हजार शिक्षाकर्मियों के साथ बड़ा छल और धोखा किया है। “संघर्ष मोर्चा”मांग करती है कि समस्त 1 लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मियों का एक साथ एक ही आदेश में संविलियन होना चाहिए। अन्यथा प्रदेशभर के समस्त वर्ग 03 व 8 साल से कम वाले, डेढ़ लाख शिक्षाकर्मी एक बार फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सरकार नियमित शिक्षक एवं शिक्षाकर्मियों के साथ दोहरी नीति लागू कर आर्थिक भेदभाव कर रही है। आज प्रदेश के सभी नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ, समस्त नियमित शिक्षकों को 10 साल की सेवा पर क्रमोन्नति वेतनमान दे रही है जबकि इसे शिक्षाकर्मियों के लिए बंद कर दी गई है जो घोर अन्याय एवं न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत के विपरीत है।

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