वेतन विसंगति का प्रभावी हल क्रमोन्नति वेतनमान, पदोन्नति है।बैठक में कई मुद्दों पर बनी रणनीति

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बैठक/रणनीति।छ.ग.पंचायत न.नि.शि.संघ का जिला स्तरीय बैठक आयोजन किया गया। बैठक में शिक्षक पंचायत व LB संवर्ग के वेतन विसंगति, क्रमोन्नत वेतनमान, पदोन्नति तथा नगरीय निकाय के वेतन आबंटन पर परिचर्चा किया गया।
बैठक में मोर्चा द्वारा किये संघर्षों के बाद कमेटी गठन एवं कमेटी द्वारा सिफारिश में संविलियन नहीं होना बताया गया। इसके बाद पुनः संविलियन हेतु प्रयास जारी रहा।अन्त तक सचिव एवं मंत्री स्तर
पर संविलियन को नकारा गया लेकिन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा संविलियन की सौगात दी गई।
जब संविलियन का मसौदा तैयार किया गया उसमे सिर्फ आठ वर्ष पूर्ण शिक्षकों का संविलियन करना शमिल था। कमेटी
के सिफारिश में क्रमोन्नत वेतनमान ,सातवां वेतन मान ,पदोन्नति ,आदि थे।मोर्चा द्वारा संविलियन के साथ इन सिफारिशों को भी लागू करने हेतु सचिव स्तर पर बैठकर चर्चा व ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षा सचिव श्री गौरव द्विवेदी द्वारा संविलियन या कमेटी की बातों को चुनने की स्पष्ट चुनौती दी गई, जिसमें सर्व हित को ध्यान में रखते हुए संविलियन को चुना गया क्योंकि यह संघर्ष का प्रमुख़ मुद्दा था।यद्यपि इसमे वर्ष बंधन को खत्म करने या कम करने की भी मांग की गई लेकिन स्वीकार नहीं किया गया। संविलियन प्रक्रिया की पूर्णता के बाद अन्य मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लेने की बात कही गई।
वर्तमान में संविलियन का राजपत्र में प्रकाशन नही हुआ है साथ ही संविलियन आदेश जारी नही किया गया है।हमें संविलियन को नही खोना है। विरोध करने के कारण एम.पी.में आज भी संविलियन अटका हुआ है और सितंबर तक समय निर्धारित किया गया है जिसमें संशय बना हुआ हैक्योंकि 5 अक्टूबर से अचार संहिता लागू होने वाला है।
माननीय मुख्यमंत्री , धरमलाल कौशिक, अभिषेक सिंह, केदार कश्यप, मधुसूदन यादव आदि मंत्रियों एवं पंचायत व शिक्षा सचिवों से लगातार संवाद व अनुनय विनय के बाद हमें संविलियन प्राप्त हुआ।वर्तमान समय में संघ द्वारा वेतन विसंगति क्रमोन्नति प्राचार्य, प्रधानाध्यापक प्राथमिक एवं माध्यमिक में पदोन्नति आदि माँगों पर मंत्री व सचिव स्तर पर वार्ता की जा रही है।चूँकि शासन-प्रशासन की मनुहार के बाद अकल्पनीय संविलियन का सौगात मिला था अतः आज इन्हें सम्मान देने के बजाय पुनः आंदोलन कर कोसना ,मुर्दाबाद का नारा बुलंद करना हमारे हितमें कतई
नहीं बल्कि नुकसान दायक साबित हो सकता है।। हमारे संबंध में भविष्य में सकारात्मक परिणाम नहीं हो सकता है।अतः सम्मेलन आयोजित कर सकारात्मक माहौल में मांगो को मनाने के सार्थक प्रयास किया जा रहा है।वर्तमान में वेतन विसंगति अहम मुद्दा है जिससे तीनों वर्ग प्रभावित हैं।वेतन विसंगति का प्रभावी हल क्रमोन्नत वेतनमान क्रमोन्नति है,पदोन्नति है। अगर क्रमोन्नति तथा 20 से 25 हजार प्राचार्य वप्रधान अध्यापक के पद पर ।पदोन्नति मिल जाता है तो वेतन विसंगति की समस्या दूर हो जाएगी।
संघ “मिशनक्रमोन्नति लक्ष्य पदोन्नति” को लेकर आगे बढ़ रही है। संघ सभी तथ्यों और वर्गो को लेकर आगे कदम उठा रही है।संघ वर्ग भेद पर विश्वास नहीं करता।विगत 23 वर्षों से सबको साथ लेकर चल रही है।
आज हमें सफलता समग्र सहयोग व समन्वय से मिली है और आगे भी सफलता के लिए समन्वित प्रयास की आवश्यकता है।गुटीय संगर्ष के परिणाम सेहैम सब परिचित हैं।
संघ व मोर्चा द्वारा खंड ,जिला व राज्य स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित कर मांगो को पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा। 16 से 20 सितंबर के मध्य जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
संघ के विरुद्ध काम करने वालो के प्रति कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया।
नगरीय निकाय द्वारा अब तक उन्हें प्राप्त आबंटन राशि का हिसाब वित्त विभाग को नही देने के कारण राशि आबंटन में देरी हुई है लेकिन अभी रायपुर में कर्मकार से चर्चा के बाद एक सप्ताह में आबंटन प्राप्त होने की बात कही गई है।
बैठक के बाद जिलाधिकारी से सौजन्य भेंट किया गया व नगरीय हेतु आबंटन पर ज्ञापन दिया गया।

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