बजट में मांग पूरी नही होने से निराश हैं शिक्षा कर्मी

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रायपुर- छ ग विधानसभा मे आज पेश होने वाली बजट पर समस्त शिक्षाकर्मियो की निगाहें समस्त शिक्षाकर्मियों के संविलियन,क्रमोन्नति,अनुकंपा नियुक्ति,वेतन विसंगति,पुरानी पेंशन बहाली आदि पर घोषणा की मांग के संबंध में हर न्यूज़ चैनल में टिकी रही जिसमे राज्य के मुख्यमंत्री/वित्तमंत्री द्वारा अपने पहले बजट को शुक्रवार को सदन में पेश किए जिसमें सबसे ज्यादा निराशा शिक्षकों और कर्मचारियों को हुई है। बजट में शिक्षाकर्मियों के मांगो की घोषणा नही किये जाने से कर्मचारियों और शिक्षकों में निराशा व्याप्त हो गई है। शिक्षक और कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार ने हमें बजट के पूर्व व चुनाव घोषणा पत्र में समस्त शिक्षकों का संविलियन आश्वासन दिया लेकिन बजट में इसमें कोई चर्चा ही नहीं की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने आज अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया। 93 हजार करोड़ के बजट में उन्होंने कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। मुख्यमंत्री ने बजट में 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को मार्च से बिजली बिल हाफ करने की घोषणा की। *बजट के मुख्य बिंदु* विधायक निधि एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ किया गया।बेमेतरा में कृषि विश्वविद्यालय की स्ंथापना की जाएगी।रसोइया के मानदेय को 12 सौ से बढ़ाकर 15 सौ रुपए प्रति महीने।पुलिस के भत्तों के लिए 45 करोड़ रुपए का प्रावधान।प्रत्येक संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हास्टल बनाया जाएगा।ग्रामीण इलाकों में निःशुक्ल पेयजल के लिए कनेक्शन।बिलासपुर और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा।बीपीएल को मुफ्त में पेयजल कनेक्शन।अस्पतालों की साफ-सफाई के लिए 15 करोड़ का प्रावधान।दो हजार पुलिस कर्मियों की भरती की जाएगी।बालोद में महिला महाविद्यालय की स्थापना।21 हज़ार 597 करोड का कृषि बजट होंगा।ये बजट पिछली बार की तुलना में डेढ़ गुना ज्यादा होगा।सुराजी ग्राम योजना की शुरुआत होगी।207 करोड़ की सिंचाई कर भी माफ किया जाएगा।25 हाइस्कूल को हायर सेकेंडरी बनाया जायेगा,25 माध्यमिक स्कूल को हाइस्कूल में उत्क्रमित किया जाएगा,55 खेल प्रशिक्षक नियुक्त किये जाएंगे ,कृषि ऋण से 20 लाख किसानों को लाभ हुआ स्कूल भवनों के लिए 50 करोड़ अस्पताल की सफाई के लिए 15 करोड़ अस्पतालों की सुविधा बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए नये पद स्वीकृत किये जायेंगे अब कुल 15 वनोपोज की ख़िरीदी समर्थन मूल्य पर होगी शुद्ध पेयजल के लिए हर संभाग में प्रयोगशाला बनेगा। 11 करोड़ का प्रवधान किया जाएगा,गरियाबंद में 100 बिस्तर का अस्पताल,यूनिवर्सल हेल्थ स्कीन लागू होगी दिव्यांगों की प्रोत्साहन राशि 1 लाख,तेंदूपत्ता राशि 25 सो से 4 हजार,BPL परिवार के मिनीमाता पेयजल योजना शुरू होगी। निशुल्क कनेक्शन मिलेगा,गिरौदपुरी पेयजल योजना के लिए 5 करोड़,किडनी प्रभावित सुपेवाड़ा के लिए पेयजल सुविधा शुरू होगी गांव में मिनी पता अमृत जल योजना ।सम्राट मीटर के लिए 33 करोड़ का प्रावधान,3500 नयी सड़के बनेगी,102 नये पूल का निर्माण किया जाएगा,रेल मार्ग के लिए 317 करोड़ का प्रवधान किया गया है।शहरी इलाकों में सबका आवास के लिए 595 करोड़,स्टार्टअप के लिए 5 करोड़ का प्रावधान,वृक्षारोपण के लिए 20 करोड़ का प्रावधान,ग्रामीण पेयजल योजना 180 करोड़,कृषि विकास के लिए 21 हजार करोड़ का प्रावधान,आरक्षकों को रेस्पांस भत्ता मिलेगा,किसानों के सिचाई कर माफ के लिए 207 करोड़,पुलिसकर्मियों को जोखिम भत्ता दिया जाएगा। 50 फीसदी की राशि,2000 नये आरक्षकों की होगी नियुक्ति,बेमेतरा की जेल की क्षमता बढाई जाएगी,पुलिस विभाग में 2 हजार पद की भर्ती,दुर्ग,बेमेतरा में खुली जेल बनाए का प्रावधान आज पेश किए गए बजट पर छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय संघ के जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा ने कहा कि सरकार का यह बजट किसानों के लिए हितकर है,कर्मचारियों के लिए यह बजट निराशाजनक है। क्योंकि इस बजट में सरकार ने कर्मचारियों से उनके मांगो को पूरा करने आश्वासन दिया था।जबकि कर्मचारियों ने इस बजट से कई उम्मीदें लगा रखी थीं। लेकिन इस बजट ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।जिला सचिव मनीष पसीने ने कहा कि यह बजट शिक्षक और कर्मचारी विरोधी है। इसमें शिक्षकों और कर्मचारियों के बारे में कुछ नहीं है। जबकि हमने मांगो के सम्बंध में पूर्ण होने कीआस लगाई थी। यह बजट हमारे लिए हानिकारक है। इस बजट से हम असंतुष्ट है। मीडिया प्रभारी देवेंद्र साहू ने कहा कि यह बजट किसानों और कमजोर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रदेश के 1 लाख 80 हज़ार शिक्षा कर्मी इस बात का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, कि बजट में उनके लिए कुछ न कुछ प्रावधान किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि संविलियन का ये वादा कांग्रेस ने चुनाव पूर्व घोषणा पत्र में भी किया था, लेकिन इसके लिए अभी और इंतज़ार शिक्षाकर्मियों को करना होगा।सरकार बनने के बाद से ही लगातार सरकार से शिक्षाकर्मी इस बात की मांग कर रहे थे कि छ ग विधानसभा मे आज पेश होने वाली बजट पर टिकी शिक्षा कर्मियो की निगाहें,,संविलियन,क्रमोन्नति,अनुकंपा नियुक्ति,वेतन विसंगति,पुरानी पेंशन बहाली आदि पर घोषणा की मांग जल्द से जल्द पूरी की जाए। पिछले दिनों शिक्षाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की थी, जहां उन्हें आश्वासन भी मिला था।लेकिन इस बजट में कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए कुछ नहीं है। जिसके कारण शिक्षकों और कर्मचारियों में निराशा है।

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