त्यागपत्र देकर उच्च पद में जाने वालों को पूर्व के सेवा का लाभ दिया जा सकता है तो एक ही पद में 20 वर्षों से कार्यरत शिक्षा कर्मियों को पूर्व सेवा के आधार पर क्रमोन्नति का लाभ क्यों नहीं मिल सकता

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रायपुर 3 अगस्त 2018। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षाकर्मियों के संविलियन करने के बाद भी संविलियन में कमी के कारण शिक्षाकर्मियों में खासी नाराजगी अभी भी देखी जा रही है। शिक्षाकर्मियों ने 8 वर्ष बंधन को समाप्त करने, समानुपातिक वेतनमान का लाभ देने एवं क्रमोन्नति के लाभ देने की मांग पूरी नहीं होने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। नवीन शिक्षा कर्मी संघ की जिला अध्यक्ष एवम् प्रदेश प्रवक्ता गंगा पासी ने कहा है कि जब निम्न पद से त्यागपत्र देकर उच्च पद में कार्य करने वाले शिक्षाकर्मियों को निम्न पद का लाभ देकर संविलियन करते हुए सातवां वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है तो एक ही पद में कार्यरत 1998 से लेकर अब तक 20 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत शिक्षाकर्मियों को उनके पूर्व में किए गए सेवा का लाभ देते हुए क्रमोन्नति का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। 1998 से एक ही पद में कार्य करने वाले शिक्षाकर्मियों को पूर्व सेवा के आधार पर तो क्रमोन्नति का अधिकार बनता है। शिक्षक LB को योग्यता अनुसार  क्रमोन्नति देने की मांग की है । क्योकि 1998 वाले को ज्यादा फायदा वेतन मे नहीं मिला है। 20-22 वर्षों तक कार्य करने पर भी 2008/2009 वाले शिक्षा  कर्मियों के समकक्ष वेतन मिल रहा है। अतः योगयता अनुसार क्रमोन्नति सरकार दे ।अपनी मांगो के लिए शिक्षा कर्मी 9 अगस्त को आन्दोलन करेंगे।

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