ऑनलाइन ट्रांसफर शिक्षा विभाग का मायाजाल….स्कूल का सेटअप व ट्रांसफर के लिए पद अलग अलग….ऑनलाइन ट्रांसफर में बताया जा रहा पद स्कूल को सूचित क्यो नही?….संजय शर्मा ने कहा आनलाइन रिक्त पद हो तो डीईओ द्वारा अनुशंसा क्यो नही?

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रायपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने शिक्षा विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर की प्रक्रिया को विभागीय मायाजाल बताते हुए कहा है कि 3 महीने में कोई ट्रांसफर नही हुआ, विभाग ने पूर्ण तैयारी के बिना ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए पोर्टल बनाया, जिससे शिक्षक गुमराह हो रहे है, साइट से कोई हेल्प नही मिल रहा और त्रुटि सुधार भी नही हो रहा है।

शिक्षा विभाग में प्रतिबन्ध के बावजूद ऑफलाइन लगातार ट्रान्सफर होता रहा है, ऑनलाइन ट्रांसफर का सपना लिए हजारो शिक्षक परेशान हो रहे है, 2 साल से ट्रांसफर ओपन नही हुआ है, पोर्टल का ट्रांसफर शिक्षको के लिए मुश्किल पैदा कर रहा है, आवेदन की अनुशंसा पोस्ट खाली नही होने के कारण डीईओ द्वारा नही किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, डॉ कोमल वैष्णव, प्रांतीय सचिव मनोज सनाढ्य प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि गत 2 वर्ष से ओपन ट्रांसफर नही हुआ है, गंभीर बीमारी पीड़ित शिक्षक, शिक्षक के परिवार में बीमारी पीड़ित परिजन, दिव्यांग शिक्षकं, विधवा, परित्यक्ता शिक्षकं, पति – पत्नी एक ही स्थान में पोस्टिंग, आपसी स्थांतरण वाले शिक्षक ऑनलाइन प्रक्रिया से पीड़ित है, उन्हें जिला से या पोर्टल से कोई सलाह या मदद नही मिल रहा है, वे लगातार कार्यालय में भटक रहे है।

हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल मिडिल स्कूल व प्रायमरी स्कूल का अलग अलग सेटअप पहले से ही शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को सूचित है, अब इस सेटअप से हटकर छात्र संख्या के आधार पर स्कूलवार रिक्त पद ट्रांसफर पोर्टल में दिखाया जा रहा है, तो शिक्षा विभाग को स्कूलों को सूचित भी करना चाहिए, ऐसे भी वर्तमान में स्कूल का सेटअप 2008 से जारी है, जिसे नवीनता की आवश्यकता है, कई स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ा है और वहाँ शिक्षकं कम है।

शिक्षको की सबसे बड़ी समस्या है कि ऑनलाइन पोर्टल में स्कूल में पद रिक्त है किंतु डीईओ द्वारा पद रिक्त नही होना बताकर आवेदन में अनुशंसा नही किया जा रहा है, ऐसे में शिक्षकं ट्रांसफर पोर्टल को मायाजाल ही कहते है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मांग किया है कि वर्तमान में शिक्षा विभाग में खुला स्थानान्तरण नही हुआ है, अतः शिक्षको के ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल को पारदर्शी बनाते हुए अपग्रेड कर शिक्षको को ट्रांसफर की सुविधा दिया जावे, पोर्टल में अपेक्षित सुधार जरूरी है।

वेब पोर्टल में –

1. आवेदन में सुधार का विकल्प नहीं है।
2. स्थानांतरण हेतु अपेक्षित केवल एक ही शाला का नाम दिया जा सकता है, अन्य विकल्प नहीं है।
3. विषयवार रिक्त पदों की जानकारी अपडेटेड नहीं है।
4. आवेदकों को उनके आवेदन पर लिये गये निर्णय या प्रगति संबंधी नोटीफिकेशन मैसेज की सुविधा नहीं है।
5. स्थानांतरण के लिए प्राथमिकता देने की कोई व्यवस्था नहीं है।
6. पति – पत्नी स्थानांतरण का ऑप्शन नहीं है।
7. दिव्यांग स्थानांतरण के लिए विकल्प नहीं दिया गया है।
8. आपसी स्थानांतरण संबंधी विकल्प नहीं है।
9. डीईओ द्वारा अनुशंसा/अनुशंसा नहीं के बाद उन्हें पुनः इसमें सुधार का विकल्प नहीं दिया गया है.
10.आवेदन एवं प्रक्रिया की पूर्णता कालावधि निश्चित नहीं है।
11. गंभीर बीमार शिक्षकं के लिए कोई जानकारी नही है।

 

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